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अलीगढ़ ::एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह का सेवा काल सेना के इतिहास में स्वच्छ, अनुशासनप्रिय एवं वीरता की गाथाओं से परिपूर्ण है।

जामिया का पूर्व छात्र साहिल बचा रहा है देश का विंटेज प्राइड

दिल्ली। ओखला। देश से अंग्रेज़ भलेही 1947 में चले गए है लेकिन अंग्रेजी दौर की मोटरें जो बाद में रजवाड़ो की शान ओ शौकत होती थी। 1965 से पहले की सभी विदेशी मोटरों को भारत में विंटेज कार घोषित कर दिया था। इनमे से ज़्यादातर आज लुप्त हो चुकी है लेकिन दिल्ली का ये नोजवान शख्स इस प्राइड को बचाने में लगा हुआ है।

साहिल ने इंडियन हेरिटेज एंड ब्यूटी को बचाते हुई कई बड़े कारनामे अंजाम दिए है। यू तो साहिल की बनाई हुई विंटेज बॉलीवुड से लेकर मॉडलिंग तक ने इस्तेमाल की जाती है। साहिल की कई विंटेज कार और ऑटो शो का अहम् हिस्सा भी रही है।

देश में लुप्त हो रही इस खास पहचान को बचाने के लिए साहिल देश के लगभग सभी पुराने रजवाड़े गए वहा से लगभग कबाड़ हो चुकी विंटेज को साहिल ने दिल्ली लाकर उनको नई ज़िन्दगी सी दी।

साहिल के पास इस वक़्त दुनिया की बेशकीमती विंटेज है जिनमे "1921 स्टैण्डर्ड कॉवेंट्री V" जो पूरी दुन्या में सिर्फ 2 है एक साहिल के पास है।साहिल के पास 1960 की इम्पाला स्पोर्ट्स भी हिंदुस्तान में चंद ही बची है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ग्रेजुएट साहिल बताते है मोजुदा वक़्त में करीब 35 बेश कीमती विंटेज कार है। एक कार को बनाने में एक साल लग जाता है। कार के पार्ट्स खोजने दे बहुत समय लगता है। सालो की मेहनत के बाद एक कार तैयार होती है। साहिल कहते है की ये उनका शोख़ है और वो इनको एक जूनून की हद तक करते है।

1 comment:

  1. https://m.facebook.com/Indian-Pride-Vintage-Car-Collection-894607093989486/

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