Breaking News

Breaking News English

Urgent::www.AMUNetwork.com needs Part Time campus Reporters.Please Contact:-deskamunetwork@gmail.com
अलीगढ़ ::एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह का सेवा काल सेना के इतिहास में स्वच्छ, अनुशासनप्रिय एवं वीरता की गाथाओं से परिपूर्ण है।

आसिफ ने प्रेस रिलीज़ जारी कर रखे कुछ सवाल

आसिफ ने प्रेस रिलीज़ जारी कर रखे कुछ सवाल

१. मेने कोई इलज़ाम हॉकी क्लब या ऐ एम यु पर नहीं बल्कि शोएब ज़हीर और अरशद मेहमूद पर लगाया है. ऐ एम यु में ज़ात पात को कोई नहीं मानता पर शोएब ज़हीर और अरशद मेहमूद में ही ये ज़हनी बीमारी पायी जाती है.
२. अनीस उर रेहमान ने मुझ पर कभी कोई ज़ुल्म नहीं किया. बल्कि मुझे हमेशा आगे बढ़ाया है. वो मेरे हमशा मार्गदर्शक रहे हैं. और वक्त बे वक्त मुझे रूपये पैसे से भी मदद कर देते हैं. वो ग़रीबों से बहुत मोहब्बत करते हैं. मुझ पर ज़ुल्म सिर्फ शोएब ज़हीर और अरशद मेहमूद ने किया है.
३. शोएब ज़हीर और उनके साथी अरशद मेहमूद करप्ट लोग हैं इसका इलज़ाम स्येद हकीम साहब ने भी इन पर लगाया था पर इनका कोई बाल बांका नहीं हुआ.
४. अगर मेरी ख़राब फार्म बताई जा रही है तो टीम के साथ दो खिलाड़ी injured गए हैं जो इस वक्त खेलने के काबिल भी नहीं थे उनकी मेडिकल रिकॉर्ड चेक की जाए.
५. जब टीम में बेहतरीन सीनियर खिलाड़ी मौजूद हैं तो सात खिलाड़ियों को invite क्यों किया गया जबकि मेरी कप्तानी में एक भी invite  नहीं किया गया था. पिछड़ी जाती का शेर क़स्सार जो बाहर से आया था उसे नहीं लिया गया. आखिर क्यों? क्योकि उसे मेरी कप्तानी में बुलाया गया था और वो पिछड़ी जाती का था. अरशद मेहमूद और शोएब ज़हीर नहीं चाहते थे की पिछड़ी जाती के लोग टीम में आएं.
६. पांच लड़के बाहर निकाले जिनमे से चार पिछड़ी जाती के हैं और एक लड़का जो आला ज़ात का है और वो खुद अपनी मर्ज़ी से खेलने नहीं गया क्योकि उसका सोशल वर्क का विंटर कैंप चल रहा है. उसकी अटेंडेंस चैक की जाए.
७. शोएब ज़हीर जो आरोप मुझ पर लगा रहे हैं की में ज़बरदस्ती या धमकी से टीम में जाना चाहता था तो ये काम में २०१३ में भी कर सकता था जब मुझे इन्होने एक आला ज़ात लड़के के सामने कप्तान नहीं बनाया और उसे बना दिया. पिछले रिकॉर्ड देखें जायें. इसकी शिकायत मेने वी सी साहब को भी की थी लेकिन इन्होने कप्तान मैच शुरू होने के तीन घंटे पहले घोषित किया. इतनी देर में कोई कारवाही नहीं हो सकती थी. लेकिन मेने फिर भी वी सी साहब को लेटर दिया. रिकॉर्ड चेक किये जाएँ. मुझे धमकी देकर और ये कहकर की जो मेहमान अलीगढ आये हुए हैं उनके सामने बेइज़्ज़ती हो जाएगी कहकर चुप करा दिया गया और में यूनिवर्सिटी की इज़्ज़त की खातिर चुप हो गया.
८. २०१४ में वी सी साहब को मेने फिर मर्सी अपील दी और उन्होंने मुझे दया दिखाते हुए और मेरे पिछले रिकॉर्ड देखते हुए कप्तान बनाया और शोएब ज़हीर को फटकार भी लगायी. न की शोएब ज़हीर ने मुझे कप्तान बनाया. रिकॉर्ड चेक किये जाएँ.
९. मेरी कप्तानी में टीम को कुछ सामन नहीं दिया गया और स्टेशन पर अरशद मेहमूद ने टीम लुधियाना ले जाने से मना कर दिया जो की उनकी सोची समझी साज़िश थी और बच्चो में स्वाइन फ्लू का डर पैदा कर दिया जिससे उनका मनोबल टूट गया.
१०. में आप लोगो को ज़फर इक़बाल साहब के साथ आपकी ही मीडिया का पेपर की कटिंग भेज रहा हूँ जिसमे आपको लिखा हुआ दिख रहा है की ''चीते शेरों पर भरी'' ये वो दिन है जब ज़फर इक़बाल मुझसे बॉल तक नहीं ले पाये थे और मुझे इस बात की शाबाशी ज़फर इक़बाल और मीडिया ने दी थी. शोएब ज़हीर ने मुझ पर ये इलज़ाम कैसे लगा दिया की में एक अच्छा प्लेयर नहीं हूँ. शायद ये फोटो कुछ दास्तान बयां कर सके.
११. शोएब ज़हीर और अरशद मेहमूद ने जो मेरे साथ किया उसके लिए मुझे इन्साफ चाहिए और इस सिलसिले में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन, नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लास, मिनिस्ट्रॉय ऑफ़ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट को लिख चूका हूँ और वी सी साहब को इसकी कॉपी दे चूका हूँ अब मुझे वही से न्याय की उम्मीद है. ज़रूरत पड़ने पर और आगे जाऊंगा लेकिन इंसाफ की लड़ाई लड़ूंगा.

आसिफ खुर्शीद
Mob: 8171210896

1 comment:

  1. you are not alone asif khursid i am always with you call me i'll faught with everywhere you would have needed me ...i will be with you....

    ReplyDelete