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अपने अधिकारो के लिए लड़ रहे मुरादाबाद के यतन्द्र कुमार जो इस्लाम धर्म क़बूल कर बन गये है उमर फारूक

मुरादाबाद की तहसील बिलारी के रहने वाले यतन्द्र कुमार पुत्र हरप्रसाद कुमार ने वर्ष 2002 में इस्लाम धर्म क़बूल कर लिया।

धर्म बदलने के बाद उनके सामने  आ रही हैं समस्यां।

न्यूज़ किंग / मुरादाबाद

यतन्द्र कुमार ने बताया की वो इस्लामिक किताबे पड़ते थे इस लिये उन्हें इस्लाम धर्म अच्छा लगा तो उन्होंने वर्ष 2002 में बिना किसी दबाव के इस्लाम धर्म क़बूल कर लिया और अपना नाम उमर फ़ारूक़ रख लिया।

उमर फ़ारूक़ ने बताया की इस्लाम धर्म क़बूल करने के बाद उनके सामने कुछ समस्यायें भी आई लेकिन उन्होंने उसका डट कर मुक़ाबला किया।

वर्ष 2011 में उमर फ़ारूक़ ने सेद नगली जनपद अमरोहा निवासी शरीफ़ एहमद की पुत्री रिहाना से मुस्लिम रीती रिवाज से शादी कर ली। आज उमर फ़ारूक़ के 3 साल का बेटा अब्दुल्लाह है।

अब वो अपने परिवार के साथ थाना कटघर क्षेत्र में गली नंबर 08 रहमत नगर मुरादाबाद में रहतें हैं।

उमर फ़ारूक़ के मुताबिक़ अब वो मुस्लिम वेशभूषा में रहतें हैं, इस कारण उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।

उन्हें अपने जाती प्रमाण पत्र की बहुत सख़्त ज़रूरत थी तब से वो प्रमाण पत्र बनवाने के लिये वर्ष 2011 से तहसील मुरादाबाद और मुरादाबाद में तैनात प्रशासनिक अधिकारीयों के चक्कर लगा रहें हैं लेकिन उन्हें आज तक जाती प्रमाण पत्र बना कर नहीं दिया गया है।

कभी उनके पिता के दस्तावेज़ मांगे जातें हैं तो कभी उन्हें धर्म बदलने की वजहा से प्रमाण पत्र बनाने में किसी न किसी अड़चन का बहाना बना कर उन्हें टहला दिया जाता है।

उमर फ़ारूक़ के मुताबिक़ उनके पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला है जिसके मुताबिक़ वो मुस्लमान होकर भी अपना जाती प्रमाण पत्र बनवा सकतें हैं।

लेकिन फिर भी मुरादाबाद तहसील द्वारा उनका जाती प्रमाण पत्र बना कर नहीं दिया जा रहा है।

उमर फ़ारूक़ अब इस मामले को अदालत में ले जाने का मन बना रहे हैं।

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